अंग्रेजी दैनिक हिन्दू के अनुसार यह न्यूज़लेटर जानकारियों से भरपूर होने के नाते किसानों के लिए हितकारी होगा। प्रदेश के कृषि मंत्री एन. चेलुवरायस्वामी ने 16 अप्रैल, 2025 को जीकेवीके, कृषि विज्ञान विश्वविद्यालय, बैंगलोर में 2025-26 मानसून कार्यशाला के अवसर पर अप्रैल अंक के पहले समाचार पत्र की एक प्रति जारी की।

पहली बार, एक सदी पहले स्थापित कर्नाटक के कृषि विभाग ने किसानों, गैर सरकारी संगठनों और विभिन्न हितधारकों को इस क्षेत्र में विकास के बारे में जानकारी प्रदान करने के लिए एक मासिक समाचार पत्र “कृषि वर्थे” निकाला है।

जारी न्यूज़लेटर में में कृषि तालाबों, खेती के मशीनीकरण, विभिन्न सरकारी योजनाओं से संबंधित विषयों पर बहुमूल्य जानकारी तथा मोबाइल ऐप ई-एसएपी के माध्यम से कृषि क्षेत्र को प्रभावित करने वाले रोगों और कीटों के निदान के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई है।

समाचार पत्र में कृषि क्षेत्र में सरकार द्वारा उपलब्ध कराई गई सेवाओं, किसानों की सफलता की कहानियों, नई योजनाओं, नई तकनीकी विकास, जैविक खेती, विभाग के कर्मचारियों की उपलब्धियों और अन्य गतिविधियों पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा।

उल्लेखनीय है कि कृषि विभाग की स्थापना 1913 में तत्कालीन मैसूर महाराजा नलवाडी कृष्णराज वाडियार के शासनकाल के दौरान की गई थी, जब सर एम. विश्वेश्वरैया मैसूर के दीवान थे। कनाडाई कृषि विशेषज्ञ लेस्ली कोलमैन इस विभाग के पहले निदेशक थे।