मेक्सिन संसद के ऊपरी सदन, सीनेट ऑफ द रिपब्लिक ने 97 वोटों से जीन संवर्धित (जीएम) मक्का उगाने पर प्रतिबंध लगाने को मंजूर कर लिया। विरोध में मात्र 16 मत पड़े। संवैधानिक सुधार को अब मेक्सिको के 32 में से 17 राज्यों की मंजूरी हासिल करनी होगी। इसके बाद ही यह प्रतिबंध लागू होगा. मेक्सिको की सत्ताधारी पार्टी ज्यादातर राज्यों में बहुमत में है।
नए प्रतिबंध के तहत मेक्सिको में अब किसी भी तरह के जीएम मक्का की खेती नहीं की जाएगी। साथ ही देश में अनाज की स्थानीय किस्मों को संरक्षित किया जाएगा। संवैधानिक सुधार में विदेशों से खरीदे गए मक्का का कोई जिक्र नहीं है। लेकिन यह कहा गया है कि मेक्सिको में मक्का की पैदावार “प्रकृति की सीमाओं से बाहर की तकनीक” से “मुक्त होनी ही चाहिए.” इसमें ऐसे जेनेटिक बदलावों का जिक्र किया गया है जो प्रकृति में न घटते हों।
मेक्सिको ने 2020 में भी अमेरिका के जीन संवर्धित मक्का पर प्रतिबंध लगाने की कोशिश की थी। उस कोशिश के तहत 2024 के अंत तक मेक्सिको को इंसानी आहार के लिहाज से जीन संवर्धित मक्का को बैन करना था। लेकिन मार्च 2025 में सरकार को यह फैसला रद्द करना पड़ा। कारोबारी विवाद सुलझाने वाले एक पैनल ने इसे नॉर्थ अमेरिका फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (अमेरिका-मेक्सिको-कनाडा एग्रीमेंट) के विरुद्ध माना। इसके बाद जीन संवर्धित मक्का की खेती पर प्रतिबंध लगाने के लिए मेक्सिको को संवैधानिक सुधार का सहारा लेना पड़ा।
मक्के से जुड़ा यह संवैधानिक सुधार ऐसे वक्त में हुआ है, जब अमेरिका के साथ मेक्सिको के कारोबारी रिश्ते हिचकोले खा रहे हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप इसी हफ्ते की शुरुआत में अपने दक्षिणी पड़ोसी मेक्सिको और उत्तरी पड़ोसी कनाडा पर 25 फीसदी आयात शुल्क लगा चुके हैं।
मेक्सिको दुनिया में मक्का का सबसे बड़ा खरीदार है। इस मांग का 95 फीसदी हिस्सा अमेरिका पूरा करता है। लेकिन अमेरिका से मेक्सिको में सप्लाई होने वाला ज्यादातर मक्का जीन संवर्धित होता है। पीले रंग का मक्का, पशु चारे के साथ साथ कई उद्योगों में इस्तेमाल किया जाता है। कई तरह के प्रोसेस्ड फूड आइटम्स में भी यह शामिल होता है।
माना जा रहा है कि जीन संवर्धित मक्का की खेती पर बैन लगाने का असर मेक्सिको और अमेरिका के बीच होने वाली कारोबारी सौदेबाजी पर भी पड़ेगा। अमेरिका को फिर महान बनाने का नारा देने वाले डॉनल्ड ट्रंप के समर्थकों में अमेरिकी किसानों की संख्या अच्छी खासी है। मेक्सिको के मक्का बैन और चीन के अमेरिकी पोल्ट्री व डेयरी आयटम पर प्रतिबंध की चोट, देर सबेर ट्रंप के इन्हीं वोटरों को झेलनी पड़ेगी। (डी डब्ल्यू से साभार)