पंजाब पुलिस के साइबर क्राइम डिवीजन ने एक बड़े घोटाले का पर्दाफाश करते हुए अनाज खरीद पोर्टल (Anaaj Kharid Portal) से जुड़े न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) भुगतान धोखाधड़ी में शामिल चार लोगों को गिरफ्तार किया है। इन आरोपियों पर किसानों के बैंक खातों में जाने वाले फसल भुगतान को अपने खातों में डायवर्ट करने का आरोप है।
अपर पुलिस महानिदेशक (ADGP) साइबर क्राइम डिवीजन वी. नीरजा ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों की पहचान मनीष, जसवीर सिंह, अंग्रेज सिंह और बलविंदर सिंह के रूप में हुई है। पुलिस ने उनके पास से डिजिटल उपकरण और राउटर भी बरामद किए हैं, जिनका उपयोग इस धोखाधड़ी को अंजाम देने के लिए किया गया।
मिली जानकारी अनुसार आरोपियों ने किसानों की जानकारी के बिना उनके मोबाइल नंबरों को अपने नंबरों से बदल दिया और इसके जरिए बैंक खाता विवरण को अपडेट कर फसल भुगतान को अपने खातों में स्थानांतरित कर लिया। भुगतान प्रक्रिया पूरी होते ही आरोपियों ने किसानों की मूल जानकारी बहाल कर दी ताकि उनकी हरकतों पर किसी का ध्यान न जाए।
फूड और सिविल सप्लाई विभाग, पंजाब द्वारा शिकायत दर्ज कराने के बाद यह मामला सामने आया। शिकायत में बताया गया कि 2024 के धान खरीद सीजन के दौरान कुछ किसानों को उनकी फसल का भुगतान नहीं मिला। जांच में खुलासा हुआ कि किसानों के फसल भुगतान को अलग-अलग लोगों के बैंक खातों में ट्रांसफर किया गया है।
प्रारंभिक जांच में आईपी रिकॉर्ड और अन्य डेटा की जांच के बाद अनधिकृत पहुंच और भुगतान डायवर्जन का पता चला। आरोपियों ने सास नगर जिले से फर्जी पहचान पर एक मोबाइल नंबर और डिवाइस खरीदे थे, जिन्हें ओटीपी प्राप्त करने और बैंक खाते बदलने के लिए उपयोग किया गया। यह भी पता चला कि यह गिरोह श्री मुक्तसर साहिब के दूरस्थ क्षेत्रों से संचालित हो रहा था।
साइबर क्राइम डिवीजन की तीन टीमें — इंस्पेक्टर जुझार सिंह, इंस्पेक्टर दीपक भाटिया और सब-इंस्पेक्टर रंजीत की अगुवाई में — ओपन-सोर्स इंटेलिजेंस (OSINT) तकनीकों का उपयोग कर आरोपियों के ठिकाने का पता लगाया। इसके बाद मोगा और श्री मुक्तसर साहिब जिलों से चार आरोपियों को गिरफ्तार किया गया।