प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रविवार सुबह करीब 7:30 बजे जी-7 शिखर सम्मेलन में शामिल होने के लिए विदेश दौरे पर रवाना हो गए हैं। जी-7 बैठक कनाडा के कनानास्किस में हो रही है, लेकिन उससे पहले पीएम मोदी साइप्रस जाएंगे।

लेकिन इस बार उनकी हवाई यात्रा पहले जैसी आसान नहीं होगी। वजह है – ईरान और इजरायल के बीच चल रहा युद्ध और पश्चिम एशिया में बढ़ा तनाव, जिसकी वजह से कई देशों ने अपने एयरस्पेस (हवाई रास्ते) को बंद कर दिया है।

✈️ क्यों बदलेगा पीएम मोदी के प्लेन का रास्ता?

भारत से साइप्रस जाने वाले सामान्य हवाई मार्ग में पाकिस्तान, ईरान, इराक, सीरिया, लेबनान और इजरायल जैसे देश आते हैं। इनमें से कई देशों की हवाई सीमाएं फिलहाल या तो पूरी तरह बंद हैं या काफी जोखिम भरी हैं।

वहीं वैकल्पिक रूट (दूसरा रास्ता) भी आसान नहीं है, क्योंकि उसमें भी यूएई, सऊदी अरब और जॉर्डन जैसे देश आते हैं, जहां मौजूदा हालात को देखते हुए उड़ानों पर रोक या सख्त पाबंदियां लगाई गई हैं।

🔒 पहले से बंद है पाकिस्तानी एयरस्पेस

भारत और पाकिस्तान के बीच मई की शुरुआत में हुए सैन्य तनाव के बाद से पाकिस्तान ने भारतीय विमानों के लिए अपना हवाई रास्ता बंद कर रखा है। ऐसे में पीएम मोदी के “इंडिया-1” विमान को मजबूरन एक लंबा और सुरक्षित रास्ता चुनना होगा।

⏱️ 8 घंटे की बजाय ज्यादा समय लगेगा

सामान्य स्थिति में दिल्ली से साइप्रस के लारनका शहर तक का सफर करीब 8 से 9 घंटे में पूरा हो जाता था। लेकिन इस बार सुरक्षा कारणों से रास्ता लंबा और समय लेने वाला हो सकता है।

सूत्रों के मुताबिक, मौजूदा माहौल में वीआईपी फ्लाइट्स को भी कई एहतियातों का पालन करना पड़ रहा है, ताकि प्रधानमंत्री की यात्रा सुरक्षित रहे।