हरियाणा सरकार ने गौ संरक्षण, पशुधन कल्याण और जैविक खेती को बढ़ावा देने के लिए कई योजनाओं और नीतियों की घोषणा की है। पशुपालन एवं डेयरी मंत्री श्याम सिंह राणा ने पंचकूला में आयोजित गौ सेवा सम्मान समारोह में यह जानकारी दी।

श्री राणा ने कहा कि गाय का महत्व सांस्कृतिक और वैज्ञानिक दोनों दृष्टियों से है। उन्होंने बताया कि हरियाणा में प्रति व्यक्ति, प्रतिदिन 1105 ग्राम दूध उपलब्ध है, जो देश में तीसरे स्थान पर है। यह उपलब्धता राष्ट्रीय औसत 471 ग्राम से कहीं अधिक है।

हरियाणा में गायों के संरक्षण के लिए कई महत्वपूर्ण योजनाएं लागू की गई हैं। राज्य सरकार ने गौशालाओं को स्वावलंबी बनाने के लिए पंचकूला के सुखदर्शनपुर में हरियाणा गौवंश अनुसंधान केंद्र स्थापित किया है। यहां गाय के गोबर और मूत्र से जैविक पेंट, हवन सामग्री, गमले, ईंटें, और दीये जैसे उत्पाद बनाए जा रहे हैं।

सरकार ने 2030 तक ब्रूसैला रोग खत्म करने के लिए एक विशेष अभियान शुरू किया है और मुंह खुर व गलघोटू बीमारियों से बचाव के लिए संयुक्त वैक्सीन का उपयोग किया जा रहा है।

पंडित दीन दयाल उपाध्याय सामूहिक पशुधन बीमा योजना के तहत बड़े पशुओं का बीमा ₹100 से ₹300 और छोटे पशुओं का ₹25 में किया जा रहा है। अनुसूचित जाति के पशुपालकों के लिए यह बीमा मुफ्त उपलब्ध है।

गौशालाओं में वृद्धि और बजट प्रावधान
वर्ष 2014 में हरियाणा में केवल 215 पंजीकृत गौशालाएं थीं, जो अब बढ़कर 683 हो गई हैं। इन गौशालाओं में करीब 4.5 लाख बेसहारा गौवंश का संरक्षण किया जा रहा है। राज्य के 2024-25 के बजट में हरियाणा गौ सेवा आयोग के लिए ₹510 करोड़ का प्रावधान किया गया है।