हरियाणा के जो गांव पूरा बिजली बिल भरते हैं, उन गांवों में बिजली विभाग एक-एक करके लाइब्रेरी खोल रही हैं। बाकायदा इसे लेकर बिजली विभाग ने अतिरिक्त मुख्य सचिव पीके दास की देखरेख में रोडमैप भी तैयार कर लिया है। इस मुहिम के तहत अब तक विभाग प्रदेश के 9 गांवों में लाइब्रेरी का निर्माण भी कर चुका है और अब जल्द ही आने वाले दिनों में 6 अन्य जिलों में लाइब्रेरी के निर्माण को लेकर प्रयासरत है।

सूबे मेंअंबाला,यमुनानगर,कैथल, पंचकूला, पानीपत और सोनीपत में लाइब्रेरी बनाई जाएगी। लाइब्रेरी के संचालन का जिम्मा उन्हीं गांव की दो बेटियों के माध्यम से करवाया जा रहा है, जो संचालक के तौर पर लाइब्रेरी का तमाम कामकाज देखती हैं।

यूएचबीवीएन के प्रबंधक निदेशक डॉ. साकेत कुमार का कहना है कि चीफ इंजीनियर एके रहेजा की देखरेख में निर्मित हो रही लाइब्रेरी की श्रृंखला में नई पीढ़ी को विज्ञान, अध्यात्म, इतिहास और साहित्य के संस्कारों से युवाओं को संपन्न करने की पहल है।

बिजली निगम ने जिन 9 गांवों में लाइब्रेरी का निर्माण किया गया है, उनमें करनाल के काछुआ, बयाना और गोंदर, कुरुक्षेत्र के अढोन, पानीपत के सिवा और बड़ौल माजरी, रोहतक के कलानौर, झज्जर के बहादुरगढ़ और सिरसा का एक गांव शामिल है।

सरकार द्वारा इन सभी गांवों में सरदार पटेल पुस्तकालय के नाम से लाइब्रेरी खोली गई है। ये वह गांव हैं, जिनमें रहने वाले शत-प्रतिशत ग्रामीण बिजली बिलों की अदायगी करते हैं और इन्होंने सरकार की जगमग योजना को साकार करने में अग्रणी भूमिका निभाई है। इन लाइब्रेरी में साहित्य अकादमी नेशनल बुक ट्रस्ट प्रकाशन विभाग और एनसीईआरटी चिल्ड्रन बुक ट्रस्ट जैसी संस्थाओं से प्रकाशित सभी कृतियों की हिंदी व अंग्रेजी संस्करण की किताबों को उपलब्ध करवाया जा रहा है।

बिजली विभाग की तरफ से ई-बुक्स के लिए डिजीट प्लेटफार्म भी उपलब्ध करवाया जा रहा है। इसके तहत पांच कंप्यूटर, पांच किंडल (टैब), स्क्रीन दी गई हैं। जिससे ग्रामीण युवा डिजीटल प्लेटफार्म के माध्यम से ई-बुक्स और अपने विषय के विशेषज्ञों के व्याख्यानों को सुनकर ज्ञान अर्जित कर सके। खासकर अवकाश के दिन में भी इन लाइब्रेरी को खोला जाता है। खास बात है कि ये सभी लाइब्रेरी वातानुकूलित हैं और वाईफाई युक्त हैं। वहीं दूसरी तरफ सरकार द्वारा उसी गांव के जो विद्यार्थी कॉलेज में पढ़ते हैं, उनके जरिए पाठक मंच स्थापित किया गया है।