पंजाब में सोमवार को किसानों ने संयुक्त किसान मोर्चा (एसकेएम) के बैनर तले विभिन्न स्थानों पर ट्रैक्टर मार्च निकालकर केंद्र सरकार से बिजली (संशोधन) विधेयक 2025 को वापस लेने की मांग की। यह प्रदर्शन गणतंत्र दिवस के अवसर पर आयोजित किए गए।

एसकेएम ने 26 जनवरी को ट्रैक्टर मार्च का आह्वान किया था। इसी दिन वर्ष 2021 में किसान आंदोलन के दौरान हजारों किसान दिल्ली के लाल किले तक पहुंच गए थे और अब निरस्त हो चुके तीन कृषि कानूनों के खिलाफ जोरदार विरोध प्रदर्शन किया था। हालांकि इस बार पंजाब भर में हुए सभी प्रदर्शन शांतिपूर्ण रहे, जिसकी अधिकारियों ने पुष्टि की।

किसानों ने बिजली (संशोधन) विधेयक 2025 और बीज विधेयक 2025 को वापस लेने, श्रम संहिताओं को निरस्त करने, महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) को पूर्ववत बहाल करने तथा फसलों पर न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) की कानूनी गारंटी देने की मांग की।

होशियारपुर जिले के मुकेरियां में दोआबा किसान समिति के नेतृत्व में ट्रैक्टर मार्च निकाला गया। यह मार्च भंगाला के अनाज मंडी से शुरू होकर भंगाला चुंगी, माता रानी चौक, शुगर मिल और एसडीएम कार्यालय होते हुए पुनः प्रारंभिक स्थल पर समाप्त हुआ। मार्च का नेतृत्व समिति की मुकेरियां इकाई के अध्यक्ष अवतार सिंह बॉबी ने किया।

इसी तरह दसूहा में किसानों ने वेरका चौक, एसडीएम चौक, अनाज मंडी, चुंगी चौक और बालागन चौक से होते हुए मियानी रोड स्थित बसरा अस्पताल के पास मार्च का समापन किया। वहीं गढ़दीवाला में ट्रैक्टर बस स्टैंड और सरहाला मोड़ से होते हुए बहगा गांव स्थित गुरु आसरा घर तक पहुंचे।

टांडा में भी प्रदर्शन किया गया, जहां दोआबा किसान समिति के अध्यक्ष जंगवीर सिंह चौहान के नेतृत्व में 60 से अधिक ट्रैक्टरों ने मार्च निकाला। टांडा-उरमुर में किसानों को संबोधित करते हुए श्री चौहान और समिति के महासचिव पृथिपाल सिंह गुरैय्य ने केंद्र सरकार पर किसान विरोधी नीतियां अपनाने का आरोप लगाया और सहकारी संस्थाओं के निजीकरण का विरोध किया। उन्होंने उर्वरकों की बढ़ती कीमतों पर भी चिंता जताते हुए दोषी विक्रेताओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।

मोगा जिले के धरमकोट क्षेत्र में भी ट्रैक्टर मार्च निकाला गया, जिसमें भारतीय किसान यूनियन (तोतेवाल) के सुख गिल, हिंद किसान सभा के सूरत सिंह, बीकेयू (राजेवाल) के सुखविंदर सिंह बहरामके और बीकेयू (पंजाब) के मनदीप सिंह शामिल रहे।

अधिकारियों के अनुसार, राज्य भर में निकाले गए सभी ट्रैक्टर मार्च शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुए और किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना की सूचना नहीं मिली।