भारतीय किसानों और निर्यातकों के लिए बड़ी खुशखबरी है। फिलीपींस ने भारत से बासमती चावल के आयात पर लगा प्रतिबंध हटा दिया है। इतना ही नहीं, अब वह भारत से भैंस का मांस, सब्जियां, फल, मूंगफली और अन्य खाद्य उत्पादों का आयात भी बढ़ाने जा रहा है।
क्या है पूरा मामला?
फिलीपींस के कृषि सचिव फ्रांसिस्को पी. तियु लॉरेल जूनियर हाल ही में भारत दौरे पर आए थे। इस दौरान उन्होंने एपीडा (APEDA) और भारतीय चावल निर्यातक संघ (AIREA) के अधिकारियों से मुलाकात की। इसके बाद फिलीपींस सरकार ने बासमती चावल पर से प्रतिबंध हटाने का फैसला लिया।
किस पर बनी सहमति?
भारत से इन उत्पादों का निर्यात बढ़ेगा:
•बासमती चावल
•भैंस का मांस
•सब्जियां
•फल
•मूंगफली और अन्य खाद्यान्न
किसानों और भारत को क्या फायदा?
•बासमती चावल की अंतरराष्ट्रीय मांग बढ़ेगी।
•किसानों की आमदनी में सीधा इजाफा होगा।
•भारत और फिलीपींस के कृषि और व्यापारिक संबंध मजबूत होंगे।
•फिलीपींस को चीन पर खाद्य निर्भरता कम करने में मदद मिलेगी।
आने वाले कार्यक्रम
भारतीय चावल निर्यातकों का प्रतिनिधिमंडल अगले महीने फिलीपींस जाएगा। वहीं, फिलीपींस के आयातक 25-28 सितंबर को वर्ल्ड फ़ूड इंडिया और 30-31 अक्टूबर को अंतरराष्ट्रीय चावल सम्मेलन में भी भाग लेंगे।
क्यों अहम है यह फैसला?
दुनिया में बढ़ती व्यापारिक अनिश्चितताओं के बीच यह समझौता भारत-फिलीपींस संबंधों में एक नया अध्याय जोड़ता है। यह दोनों देशों की कृषि और आर्थिक साझेदारी को और मजबूत करेगा।
मौजूदा व्यापार स्थिति
भारत ने 2024 में फिलीपींस को करीब 413 मिलियन डॉलर के कृषि उत्पाद निर्यात किए थे। हालांकि, यह फिलीपींस के कुल कृषि आयात का सिर्फ 2% था।