महिंद्रा समूह का हिस्सा और भारत का अग्रणी ट्रैक्टर ब्रांड स्वराज ट्रैक्टर्स ने एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है। कंपनी ने पंजाब के मोहाली स्थित संयंत्र से अपना 25 लाखवां ट्रैक्टर रोलआउट किया। यह उपलब्धि स्वराज ने केवल तीन साल में हासिल की है, क्योंकि 2022 में ही उसने 20 लाख उत्पादन का आँकड़ा पार किया था। इससे यह स्पष्ट हो गया है कि स्वराज भारत के घरेलू ट्रैक्टर उद्योग का सबसे तेज़ी से बढ़ता ब्रांड है।

1974 से आत्मनिर्भरता का प्रतीक

स्वराज की यात्रा वर्ष 1974 में शुरू हुई थी, जब भारतीय इंजीनियरों ने पूरी तरह स्वदेशी Swaraj 724 (20–25 HP) ट्रैक्टर लॉन्च किया। यह हरित क्रांति के दौर में किसानों की आत्मनिर्भरता का प्रतीक बना। मजबूत डिजाइन, किफायती दाम और भरोसेमंद प्रदर्शन ने इसे किसानों का प्रिय ब्रांड बना दिया।

किसानों की ज़रूरतों के अनुसार बढ़ा दायरा

वर्षों में स्वराज का उत्पाद पोर्टफोलियो किसानों की बदलती जरूरतों के मुताबिक विस्तृत हुआ है। Swaraj 855, 735, 744, 960, 742 और 963 जैसे मॉडल किसानों की पहली पसंद बने, जबकि Swaraj Target और नया स्वराज रेंज जैसे आधुनिक मॉडल हल्की खेती और नई पीढ़ी की जरूरतों को पूरा कर रहे हैं।

नेतृत्व की प्रतिक्रिया

महिंद्रा एंड महिंद्रा लिमिटेड के फार्म इक्विपमेंट बिज़नेस अध्यक्ष वीजय नाकरा ने कहा—
“स्वराज का 25 लाख उत्पादन माइलस्टोन किसानों की पीढ़ियों के विश्वास का प्रमाण है। आत्मनिर्भर भारत की भावना से जन्मा स्वराज, खेती को बदलने और किसानों के जीवन को संवारने की दिशा में लगातार काम कर रहा है।”

स्वराज डिवीजन के सीईओ गगनजोत सिंह ने कहा—
“हमारे लिए हर ट्रैक्टर सिर्फ मशीन नहीं, बल्कि किसान की प्रगति का साथी है। कम लागत, भरोसेमंद प्रदर्शन और किसानों की जरूरतों के अनुरूप समाधान ने स्वराज को ग्रामीण भारत का अभिन्न हिस्सा बना दिया है। 25 लाख का आँकड़ा हमारे पूरे दल के लिए गर्व का क्षण है।”

ग्रामीण भारत से गहरा जुड़ाव

पहला ट्रैक्टर खरीदने वाले किसान की खुशी से लेकर पीढ़ी-दर-पीढ़ी भरोसे तक, स्वराज ट्रैक्टर्स अब भारतीय खेती-किसानी की कहानी का अहम हिस्सा बन चुका है। 25 लाखवां ट्रैक्टर केवल एक आँकड़ा नहीं, बल्कि स्वराज की मजबूती, पैमाने और किसानों के साथ उसके गहरे रिश्ते का जश्न है।

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